कुशीनगर में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

आरटीओ कार्यालय के पास कंप्यूटर सेंटर की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा, दो लैपटॉप, प्रिंटर-स्कैनर, 10 स्मार्ट कार्ड चिप और नकदी बरामद
कुशीनगर। रविन्द्रनगर धूस पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी एवं कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो फर्जी स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस, 10 स्मार्ट कार्ड चिप, दो लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक प्रिंटर-स्कैनर और 4,830 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी आरटीओ कार्यालय के पास कंप्यूटर सेंटर संचालित कर उसकी आड़ में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कर अवैध कमाई करते थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 3 नवंबर को थाना रविन्द्रनगर धूस पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। मामले में मु0अ0सं0 178/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 339 में मुकदमा दर्ज है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कंप्यूटर सेंटर की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी जमीर अहमद आरटीओ कार्यालय कुशीनगर के निकट ‘जमीर कंप्यूटर सेंटर’ नाम से दुकान संचालित करता था। यहां ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन बीमा और आरसी सहित विभिन्न ऑनलाइन कार्य कराने के लिए लोग आते थे। इसी दौरान आरोपी ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें तत्काल हैवी ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती थी। आरोपियों द्वारा ग्राहकों का डेटा एकत्र कर कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से मूल ड्राइविंग लाइसेंस की हूबहू नकल तैयार की जाती थी। इसके बाद ग्राहकों से मनमानी रकम लेकर उन्हें फर्जी लाइसेंस उपलब्ध कराया जाता था।
दिन में ऑनलाइन काम, रात में तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिन के समय कंप्यूटर सेंटर पर ऑनलाइन सेवाएं देने के बहाने ग्राहकों का विश्वास जीतते थे और उनकी जानकारी जुटाते थे। इसके बाद रात में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से फर्जी एवं कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस तैयार किए जाते थे। आरोपियों द्वारा बनाए गए लाइसेंस देखने में मूल स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस जैसे प्रतीत होते थे। पुलिस ने मौके से ऐसे दो फर्जी लाइसेंस और लाइसेंस बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
जमीर अहमद का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमीर अहमद पुत्र बसावन अली, निवासी भिसवा सरकारी, थाना रविन्द्रनगर धूस तथा श्यामजी पुत्र स्वर्गीय रामनरेश प्रसाद, निवासी बसडीला, थाना रविन्द्रनगर धूस, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जमीर अहमद के विरुद्ध पूर्व में भी थाना रविन्द्रनगर धूस में मुकदमा संख्या 121/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो फर्जी स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस, 10 पीवीसी स्मार्ट कार्ड चिप, एक कैनन प्रिंटर-स्कैनर, दो लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और 4,830 रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार करने वाली टीम
इस कार्रवाई में थाना रविन्द्रनगर धूस के थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सूर्यभान यादव, उपनिरीक्षक विनायक यादव सहित थाना पुलिस और साइबर सेल के अन्य कर्मी शामिल रहे। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
कुशीनगर। रविन्द्रनगर धूस पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी एवं कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो फर्जी स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस, 10 स्मार्ट कार्ड चिप, दो लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक प्रिंटर-स्कैनर और 4,830 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी आरटीओ कार्यालय के पास कंप्यूटर सेंटर संचालित कर उसकी आड़ में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कर अवैध कमाई करते थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 3 नवंबर को थाना रविन्द्रनगर धूस पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। मामले में मु0अ0सं0 178/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 339 में मुकदमा दर्ज है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कंप्यूटर सेंटर की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी जमीर अहमद आरटीओ कार्यालय कुशीनगर के निकट ‘जमीर कंप्यूटर सेंटर’ नाम से दुकान संचालित करता था। यहां ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन बीमा और आरसी सहित विभिन्न ऑनलाइन कार्य कराने के लिए लोग आते थे। इसी दौरान आरोपी ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें तत्काल हैवी ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती थी। आरोपियों द्वारा ग्राहकों का डेटा एकत्र कर कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से मूल ड्राइविंग लाइसेंस की हूबहू नकल तैयार की जाती थी। इसके बाद ग्राहकों से मनमानी रकम लेकर उन्हें फर्जी लाइसेंस उपलब्ध कराया जाता था।
दिन में ऑनलाइन काम, रात में तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिन के समय कंप्यूटर सेंटर पर ऑनलाइन सेवाएं देने के बहाने ग्राहकों का विश्वास जीतते थे और उनकी जानकारी जुटाते थे। इसके बाद रात में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से फर्जी एवं कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस तैयार किए जाते थे। आरोपियों द्वारा बनाए गए लाइसेंस देखने में मूल स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस जैसे प्रतीत होते थे। पुलिस ने मौके से ऐसे दो फर्जी लाइसेंस और लाइसेंस बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
जमीर अहमद का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमीर अहमद पुत्र बसावन अली, निवासी भिसवा सरकारी, थाना रविन्द्रनगर धूस तथा श्यामजी पुत्र स्वर्गीय रामनरेश प्रसाद, निवासी बसडीला, थाना रविन्द्रनगर धूस, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जमीर अहमद के विरुद्ध पूर्व में भी थाना रविन्द्रनगर धूस में मुकदमा संख्या 121/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो फर्जी स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस, 10 पीवीसी स्मार्ट कार्ड चिप, एक कैनन प्रिंटर-स्कैनर, दो लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और 4,830 रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार करने वाली टीम
इस कार्रवाई में थाना रविन्द्रनगर धूस के थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सूर्यभान यादव, उपनिरीक्षक विनायक यादव सहित थाना पुलिस और साइबर सेल के अन्य कर्मी शामिल रहे। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
रिपोर्ट: साजिद अंसारी, ब्यूरो,कुशीनगर
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