राज्यपाल की उपस्थिति में योग विज्ञान विभाग ने प्रस्तुत की भारतीय ज्ञान परंपरा की झलक

प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आयोजित ‘पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद–2026’ के अवसर पर योग विज्ञान विभाग की ओर से भव्य योग प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर 17 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता बढ़ाई।
योग कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह एवं योग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. विवेक कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का निर्देशन विभाग के सहायक आचार्य योगी डॉ. मुकेश द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. रमण पुरी जी महाराज की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
नवाचार एवं उद्यमिता पर केंद्रित इस आयोजन में योग विज्ञान विभाग की सहभागिता ने भारतीय ज्ञान परंपरा, स्वास्थ्य चेतना और युवा प्रतिभा को एक मंच पर प्रस्तुत किया। योग प्रदर्शन के माध्यम से आधुनिक जीवन में संतुलन, अनुशासन, एकाग्रता और सृजनशीलता के महत्त्व को रेखांकित किया गया।
प्रस्तुति में योग के व्यापक स्वरूप तथा शरीर, मन, बुद्धि और चेतना के समन्वय को दर्शाया गया। योग दर्शन में वर्णित आत्मानुशासन, चित्त की स्थिरता और समत्व जैसे सिद्धांत आज के गतिशील जीवन में भी प्रासंगिक हैं। ये व्यक्ति को सजगता, विवेक और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
योग के आध्यात्मिक पक्ष में आत्मचिंतन, आंतरिक शांति, करुणा और आत्मबोध का महत्त्व है। वहीं, आधुनिक जीवन में योग तनाव प्रबंधन, एकाग्रता और संतुलित जीवनशैली के लिए उपयोगी अभ्यास के रूप में जाना जाता है। स्टार्टअप और नवाचार के संदर्भ में धैर्य, निरंतर अभ्यास, स्पष्ट चिंतन तथा नैतिक दृष्टिकोण जैसे गुण युवाओं को सृजनशील और उत्तरदायी कार्यसंस्कृति विकसित करने की प्रेरणा देते हैं।
योग विज्ञान विभाग के 15 विद्यार्थियों ने सामूहिक योग प्रस्तुति में भाग लिया। विद्यार्थियों ने अनुशासन, शारीरिक संतुलन, एकाग्रता और आपसी समन्वय के साथ योग की समृद्ध भारतीय परंपरा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुति में व्यक्तिगत दक्षता के साथ सामूहिक प्रयास और सहयोग की भावना भी दिखाई दी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन ने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और व्यक्तित्व के समग्र विकास में योग की भूमिका को रेखांकित किया तथा नियमित अभ्यास, धैर्य और समर्पण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की सफलता में आकाश शुक्ला, सत्यम मिश्रा, शिशिर कुमार मिश्रा, श्रेयांश सिंह, शिखर पटेल, प्रभात रंजन कुमार, अभिषेक पांडेय, छवि मिश्रा, आकांक्षा तिवारी, प्रतिभा सिंह राजपूत, नवीन राय, सौम्या श्रीवास्तव, अमिता यादव, अंकिता शुक्ला, आलोक पांडेय, शिवानी मिश्रा, मनोज मिश्रा, मनोज त्रिपाठी, संध्या सिंह, आदर्श पांडेय, सुमित द्विवेदी, कोमल यादव, सोनल, आंचल श्रीवास्तव एवं सुश्री शुक्ला का सराहनीय सहयोग रहा।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को विशिष्ट अतिथियों के समक्ष अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। योग विज्ञान विभाग की सहभागिता ने भारतीय दर्शन, आध्यात्मिक मूल्यों और आधुनिक नवाचार चेतना के समन्वय को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त किया।
योग कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह एवं योग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. विवेक कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का निर्देशन विभाग के सहायक आचार्य योगी डॉ. मुकेश द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. रमण पुरी जी महाराज की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
नवाचार एवं उद्यमिता पर केंद्रित इस आयोजन में योग विज्ञान विभाग की सहभागिता ने भारतीय ज्ञान परंपरा, स्वास्थ्य चेतना और युवा प्रतिभा को एक मंच पर प्रस्तुत किया। योग प्रदर्शन के माध्यम से आधुनिक जीवन में संतुलन, अनुशासन, एकाग्रता और सृजनशीलता के महत्त्व को रेखांकित किया गया।
प्रस्तुति में योग के व्यापक स्वरूप तथा शरीर, मन, बुद्धि और चेतना के समन्वय को दर्शाया गया। योग दर्शन में वर्णित आत्मानुशासन, चित्त की स्थिरता और समत्व जैसे सिद्धांत आज के गतिशील जीवन में भी प्रासंगिक हैं। ये व्यक्ति को सजगता, विवेक और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
योग के आध्यात्मिक पक्ष में आत्मचिंतन, आंतरिक शांति, करुणा और आत्मबोध का महत्त्व है। वहीं, आधुनिक जीवन में योग तनाव प्रबंधन, एकाग्रता और संतुलित जीवनशैली के लिए उपयोगी अभ्यास के रूप में जाना जाता है। स्टार्टअप और नवाचार के संदर्भ में धैर्य, निरंतर अभ्यास, स्पष्ट चिंतन तथा नैतिक दृष्टिकोण जैसे गुण युवाओं को सृजनशील और उत्तरदायी कार्यसंस्कृति विकसित करने की प्रेरणा देते हैं।
योग विज्ञान विभाग के 15 विद्यार्थियों ने सामूहिक योग प्रस्तुति में भाग लिया। विद्यार्थियों ने अनुशासन, शारीरिक संतुलन, एकाग्रता और आपसी समन्वय के साथ योग की समृद्ध भारतीय परंपरा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुति में व्यक्तिगत दक्षता के साथ सामूहिक प्रयास और सहयोग की भावना भी दिखाई दी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन ने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और व्यक्तित्व के समग्र विकास में योग की भूमिका को रेखांकित किया तथा नियमित अभ्यास, धैर्य और समर्पण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की सफलता में आकाश शुक्ला, सत्यम मिश्रा, शिशिर कुमार मिश्रा, श्रेयांश सिंह, शिखर पटेल, प्रभात रंजन कुमार, अभिषेक पांडेय, छवि मिश्रा, आकांक्षा तिवारी, प्रतिभा सिंह राजपूत, नवीन राय, सौम्या श्रीवास्तव, अमिता यादव, अंकिता शुक्ला, आलोक पांडेय, शिवानी मिश्रा, मनोज मिश्रा, मनोज त्रिपाठी, संध्या सिंह, आदर्श पांडेय, सुमित द्विवेदी, कोमल यादव, सोनल, आंचल श्रीवास्तव एवं सुश्री शुक्ला का सराहनीय सहयोग रहा।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को विशिष्ट अतिथियों के समक्ष अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। योग विज्ञान विभाग की सहभागिता ने भारतीय दर्शन, आध्यात्मिक मूल्यों और आधुनिक नवाचार चेतना के समन्वय को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त किया।
रिपोर्ट: सुमित द्विवेदी (प्रियांशु), ब्यूरो, प्रयागराज
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