रामलीला में भाईचारे और मर्यादा का संदेश, भरत मिलाप के मंचन ने दर्शकों को किया भावुक

आगरा। ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 स्थित श्री रामलीला पार्क में चल रहे रामलीला महोत्सव के दौरान शुक्रवार को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। रामलीला मंच पर भरत मिलाप और सूपनखा नासिका भंग प्रसंगों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से श्रीराम और भरत के मिलन का दृश्य इतना भावपूर्ण रहा कि रामलीला देखने पहुंचे कई श्रद्धालु भावुक हो गए।
भरत मिलाप के प्रसंग में कलाकारों ने भाइयों के बीच प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रभु श्रीराम के प्रति भरत की निष्ठा और उनके आदर्शों के प्रति समर्पण को देखकर दर्शकों ने भावविभोर होकर जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस दृश्य ने रामलीला परिसर को भक्तिमय बना दिया।
सूपनखा प्रसंग में कलाकारों के अभिनय ने खींचा ध्यान
रामलीला के दूसरे प्रमुख प्रसंग सूपनखा नासिका भंग का भी आकर्षक मंचन किया गया। कलाकारों ने संवादों और अभिनय के माध्यम से कथा के घटनाक्रम को जीवंत बनाया। लक्ष्मण जी और सूपनखा के बीच हुए प्रसंग की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की विशेष रुचि देखने को मिली।
दोनों प्रसंगों के मंचन ने रामायण के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। रामलीला पार्क में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन का आनंद लिया।
आज मंच पर दिखेगा स्वर्ण मृग का छल और सीता हरण
रामलीला महोत्सव की अगली कड़ी में शनिवार को स्वर्ण मृग प्रसंग, माता सीता के हरण और बाली वध का मंचन किया जाएगा। इन घटनाओं के माध्यम से रामायण की कथा आगे बढ़ेगी। स्वर्ण मृग की माया में श्रीराम का वन में जाना और रावण द्वारा माता सीता का अपहरण रामलीला के महत्वपूर्ण प्रसंगों में शामिल है।
इन दृश्यों को देखने के लिए क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है।
आयोजन में गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में रामलीला महोत्सव के संस्थापक बालकिशन गुप्ता, प्रदीप शर्मा, कृष्णवीर सिंह सिकरवार और अध्यक्ष गिर्राज प्रसाद पाठक सहित डॉ. नौनीहाल कुशवाह, लक्ष्मीकांत उपाध्याय, पप्पू गहलोत, राकेश चौहान, हरिविलास यादव, ओमप्रकाश कुशवाह, वीरेंद्र चौधरी, शेर सिंह कुशवाह और देवेंद्र गुप्ता उपस्थित रहे। सभी ने रामलीला के आयोजन और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।
रामलीला मंडल के संचालक पं. दिनेश चंद्र शास्त्री महाराज एवं मंडली के कलाकारों द्वारा विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, भाईचारे और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
रामलीला महोत्सव क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बना हुआ है।
भरत मिलाप के प्रसंग में कलाकारों ने भाइयों के बीच प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रभु श्रीराम के प्रति भरत की निष्ठा और उनके आदर्शों के प्रति समर्पण को देखकर दर्शकों ने भावविभोर होकर जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस दृश्य ने रामलीला परिसर को भक्तिमय बना दिया।
सूपनखा प्रसंग में कलाकारों के अभिनय ने खींचा ध्यान
रामलीला के दूसरे प्रमुख प्रसंग सूपनखा नासिका भंग का भी आकर्षक मंचन किया गया। कलाकारों ने संवादों और अभिनय के माध्यम से कथा के घटनाक्रम को जीवंत बनाया। लक्ष्मण जी और सूपनखा के बीच हुए प्रसंग की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की विशेष रुचि देखने को मिली।
दोनों प्रसंगों के मंचन ने रामायण के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। रामलीला पार्क में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन का आनंद लिया।
आज मंच पर दिखेगा स्वर्ण मृग का छल और सीता हरण
रामलीला महोत्सव की अगली कड़ी में शनिवार को स्वर्ण मृग प्रसंग, माता सीता के हरण और बाली वध का मंचन किया जाएगा। इन घटनाओं के माध्यम से रामायण की कथा आगे बढ़ेगी। स्वर्ण मृग की माया में श्रीराम का वन में जाना और रावण द्वारा माता सीता का अपहरण रामलीला के महत्वपूर्ण प्रसंगों में शामिल है।
इन दृश्यों को देखने के लिए क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है।
आयोजन में गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में रामलीला महोत्सव के संस्थापक बालकिशन गुप्ता, प्रदीप शर्मा, कृष्णवीर सिंह सिकरवार और अध्यक्ष गिर्राज प्रसाद पाठक सहित डॉ. नौनीहाल कुशवाह, लक्ष्मीकांत उपाध्याय, पप्पू गहलोत, राकेश चौहान, हरिविलास यादव, ओमप्रकाश कुशवाह, वीरेंद्र चौधरी, शेर सिंह कुशवाह और देवेंद्र गुप्ता उपस्थित रहे। सभी ने रामलीला के आयोजन और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।
रामलीला मंडल के संचालक पं. दिनेश चंद्र शास्त्री महाराज एवं मंडली के कलाकारों द्वारा विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, भाईचारे और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
रामलीला महोत्सव क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बना हुआ है।
रिपोर्ट: आकाश जैन, आगरा
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