करवा चौथ पर कथा वाचिका शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ने रखा व्रत, सभी माताओं-बहनों को दी शुभकामनाएँ

घूरपुर/ प्रयागराज। अखंड सौभाग्य, प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक करवा चौथ का पावन पर्व आज श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ‘मानस मंजरी’, प्रयागराज ने भी अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए करवा चौथ का व्रत रखा।
इस पावन अवसर पर उन्होंने सभी माताओं एवं बहनों को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
उन्होंने प्रार्थना की कि माता करवा की कृपा सभी सुहागिनों पर बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार में प्रेम, विश्वास, सुख-शांति और खुशहाली का वास हो।
कथा वाचिका शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ने कहा कि करवा चौथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कारों और दांपत्य जीवन में प्रेम एवं समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और आत्मीयता को और मजबूत करने का संदेश देता है।
धार्मिक कथाओं एवं आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ने प्रभु श्रीराम एवं माता सीता से प्रार्थना की कि सभी माताओं-बहनों का सौभाग्य अखंड रहे और उनके जीवन में सदैव सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशियाँ बनी रहें।
अंत में उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं को करवा चौथ की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ‘मानस मंजरी’, प्रयागराज ने भी अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए करवा चौथ का व्रत रखा।
इस पावन अवसर पर उन्होंने सभी माताओं एवं बहनों को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
उन्होंने प्रार्थना की कि माता करवा की कृपा सभी सुहागिनों पर बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार में प्रेम, विश्वास, सुख-शांति और खुशहाली का वास हो।
कथा वाचिका शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ने कहा कि करवा चौथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कारों और दांपत्य जीवन में प्रेम एवं समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और आत्मीयता को और मजबूत करने का संदेश देता है।
धार्मिक कथाओं एवं आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ने प्रभु श्रीराम एवं माता सीता से प्रार्थना की कि सभी माताओं-बहनों का सौभाग्य अखंड रहे और उनके जीवन में सदैव सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशियाँ बनी रहें।
अंत में उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं को करवा चौथ की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ दीं।
रिपोर्ट: बालेंद्र कुमार शुक्ला (बलराम), विशेष संवाददाता, प्रयागराज
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