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प्रयागराज में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया करवा चौथ, सुहागिनों ने चंद्र दर्शन कर खोला व्रत

प्रयागराज • 29 Oct 2026, 09:36 PM • 2 मिनट में पढ़ें
प्रयागराज में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया करवा चौथ, सुहागिनों ने चंद्र दर्शन कर खोला व्रत
प्रयागराज। जिले भर में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा। दिनभर उपवास रखने के बाद महिलाओं ने शाम को विधि-विधान से करवा माता की पूजा-अर्चना की और परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार व्रत कथा का श्रवण किया।

करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों, सोलह शृंगार, मेहंदी और आकर्षक आभूषणों से सजकर पूजन की तैयारियां कीं। घरों में पूजा की थालियां सजाई गईं तथा करवा, दीपक, फल, मिठाई और पूजन सामग्री के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। कई स्थानों पर महिलाओं ने एकत्र होकर सामूहिक रूप से करवा चौथ की कथा सुनी और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में प्रेम एवं विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से रखा जाता है। व्रत रखने वाली महिलाओं को पूरे दिन चंद्रमा के दर्शन का इंतजार रहा। रात्रि में चंद्र दर्शन और परंपरानुसार अर्घ्य अर्पित करने के बाद महिलाओं ने अपने पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया।

पर्व को लेकर बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। पूजा सामग्री, करवा, साड़ी, चूड़ियों, मेहंदी, मिठाइयों और शृंगार के सामान की दुकानों पर ग्राहकों की चहल-पहल रही। घरों से लेकर बाजारों तक उत्सव का माहौल बना रहा।

करवा चौथ का पर्व भारतीय संस्कृति में दांपत्य प्रेम, पारिवारिक विश्वास और परंपराओं के प्रति आस्था का प्रतीक माना जाता है। प्रयागराज में भी यह पर्व धार्मिक श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया।
रिपोर्ट: सुमित द्विवेदी (प्रियांशु), ब्यूरो प्रयागराज, प्रयागराज
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