गढ़वा किला तालाब के पास क्रेशर प्लांटों के संचालन पर उठे सवाल, खनन विभाग करेगा निरीक्षण

प्रयागराज। यमुनानगर की बारा तहसील के अंतर्गत शंकरगढ़ क्षेत्र में पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के गढ़वा किला तालाब के आसपास संचालित सिलिका सैंड क्रेशर प्लांटों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ क्रेशर प्लांटों के कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों के संचालन की शिकायतें सामने आई हैं। मामले में संबंधित विभाग से जांच कर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में संचालित कुछ क्रेशर प्लांटों से निकलने वाली धूल के कारण आसपास के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इससे पर्यावरण, कृषि और ऐतिहासिक स्थल के आसपास के क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, संबंधित प्लांटों के लाइसेंस, संचालन की वैधता और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की स्थिति की आधिकारिक जांच होना अभी आवश्यक है।
मामले को लेकर खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी प्रयागराज और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांटों की अनुमति, आवश्यक अभिलेखों तथा निर्धारित मानकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि किसी प्लांट का संचालन नियमों के विरुद्ध पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
खनन निरीक्षक ने दिया निरीक्षण का आश्वासन
इस संबंध में खनन निरीक्षक वैभव सोनी ने बताया कि उन्हें संबंधित मामले की पूर्व में जानकारी नहीं थी। बृहस्पतिवार शाम को मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को एसडीएम बारा और संबंधित टीम के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक निरीक्षण और जांच के परिणाम पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में संचालित कुछ क्रेशर प्लांटों से निकलने वाली धूल के कारण आसपास के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इससे पर्यावरण, कृषि और ऐतिहासिक स्थल के आसपास के क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, संबंधित प्लांटों के लाइसेंस, संचालन की वैधता और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की स्थिति की आधिकारिक जांच होना अभी आवश्यक है।
मामले को लेकर खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी प्रयागराज और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांटों की अनुमति, आवश्यक अभिलेखों तथा निर्धारित मानकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि किसी प्लांट का संचालन नियमों के विरुद्ध पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
खनन निरीक्षक ने दिया निरीक्षण का आश्वासन
इस संबंध में खनन निरीक्षक वैभव सोनी ने बताया कि उन्हें संबंधित मामले की पूर्व में जानकारी नहीं थी। बृहस्पतिवार शाम को मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को एसडीएम बारा और संबंधित टीम के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक निरीक्षण और जांच के परिणाम पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: बालेंद्र कुमार शुक्ला (बलराम), विशेष संवाददाता प्रयागराज।, बारा/ प्रयागराज
WhatsApp पर शेयर करें



