MLC Chunav Nateeje: UP, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र के अंतिम नतीजे घोषित, जानें कहाँ किसे मिली जीत

चार प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए हुए चुनाव के सभी परिणाम और अंतिम रुझान सामने आ गए हैं। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। ताजा नतीजों के अनुसार, कर्नाटक में जहां बीजेपी-जेडीएस (BJP-JDS) गठबंधन ने क्लीन स्वीप किया है, वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों ने सत्ताधारी खेमे को कई अहम सीटों पर शिकस्त दी है।
आइए जानते हैं सभी चार राज्यों के अंतिम और सटीक परिणाम:
1. उत्तर प्रदेश (कुल 11 सीटें)
उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच कई सीटों पर बेहद करीबी और कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
मेरठ: मेरठ स्नातक (Graduate) सीट से दिनेश कुमार गोयल और मेरठ शिक्षक (Teacher) सीट से श्रीचंद शर्मा (दोनों भाजपा) ने जीत दर्ज की।
लखनऊ: लखनऊ शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी ने अपनी जीत का परचम लहराया।
वाराणसी: वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज कर अपना दबदबा बरकरार रखा।
आगरा: आगरा शिक्षक सीट पर सपा (SP) के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल विजयी रहे।
बरेली-मुरादाबाद: बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा के दानिश अख्तर को भारी मतों से हराया।
गोरखपुर-फैजाबाद: इस शिक्षक सीट पर करीब 32 घंटे चली लंबी मतगणना और दूसरी वरीयता (Second Preference) के मतों की गिनती के बाद कड़े मुकाबले में भाजपा के डॉ. ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को 276 मतों से हरा दिया।
2. बिहार (कुल 8 सीटें)
बिहार के शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के नतीजों में इस बार कई अप्रत्याशित और बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं:
पटना शिक्षक सीट (बड़ा उलटफेर): राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के डॉ. संजीव कुमार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए बीजेपी के दिग्गज नेता नवल किशोर यादव को 1,057 वोटों से हरा दिया। इस हार के साथ ही पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का लगभग 30 साल पुराना एकछत्र राज समाप्त हो गया।
कोशी स्नातक क्षेत्र: भाजपा प्रत्याशी डॉ. एन.के. यादव ने लगातार तीसरी बार शानदार जीत हासिल कर हैट्रिक लगाई।
तिरहुत और दरभंगा: तिरहुत शिक्षक क्षेत्र से भाजपा के डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह और दरभंगा स्नातक सीट से भाजपा के सर्वेश कुमार विजयी रहे।
जन सुराज की एंट्री: दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज कर इतिहास रचा।
सारण: सारण शिक्षक क्षेत्र से निर्दलीय और भाजपा के बागी नेता राहुल राज ने जीत हासिल की।
3. कर्नाटक (कुल 4 सीटें)
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को इस चुनाव में करारा झटका लगा है:
भाजपा-जेडीएस गठबंधन का दबदबा: एनडीए (BJP-JDS) गठबंधन ने राज्य की सभी 4 सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस का पूरी तरह सूपड़ा साफ कर दिया।
बेंगलुरु शिक्षक सीट: जेडीएस-बीजेपी के संयुक्त उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुट्टन्ना को 908 मतों से पराजित किया।
पश्चिम स्नातक: भाजपा के एस.वी. संकनूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को 9,323 मतों के बड़े अंतर से मात दी।
हार पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया: करारी हार के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि वे इस जनादेश को स्वीकार करते हैं और पार्टी हार के कारणों की गहन समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाएगी।
4. महाराष्ट्र (कुल 5 सीटें)
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
पुणे शिक्षक सीट: भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के उम्मीदवार सचिन सानप को हराकर शानदार जीत दर्ज की, जिससे एमवीए (MVA) को भी झटका लगा।
अमरावती: इस शिक्षक सीट पर महायुति के किरण सरनाइक ने अपनी बढ़त और पकड़ मजबूत बनाए रखी।
कुल स्थिति: कुल 5 सीटों में से शुरुआती रुझानों और नतीजों के अनुसार महायुति 3 सीटों पर आगे रही, जबकि 2 सीटों पर महा विकास अघाड़ी (MVA) ने कड़ी टक्कर दी।
सियासी मायने (निष्कर्ष)
इन एमएलसी चुनावों के परिणामों से साफ है कि कर्नाटक में एनडीए (NDA) काफी मजबूत स्थिति में है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों और चेहरों को ध्यान में रखकर मतदान किया है। पटना में तीन दशक बाद भाजपा की हार और यूपी में सपा की कुछ पारंपरिक सीटों पर मजबूत पकड़ आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण पैदा करेगी।
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आइए जानते हैं सभी चार राज्यों के अंतिम और सटीक परिणाम:
1. उत्तर प्रदेश (कुल 11 सीटें)
उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच कई सीटों पर बेहद करीबी और कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
मेरठ: मेरठ स्नातक (Graduate) सीट से दिनेश कुमार गोयल और मेरठ शिक्षक (Teacher) सीट से श्रीचंद शर्मा (दोनों भाजपा) ने जीत दर्ज की।
लखनऊ: लखनऊ शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी ने अपनी जीत का परचम लहराया।
वाराणसी: वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज कर अपना दबदबा बरकरार रखा।
आगरा: आगरा शिक्षक सीट पर सपा (SP) के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल विजयी रहे।
बरेली-मुरादाबाद: बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा के दानिश अख्तर को भारी मतों से हराया।
गोरखपुर-फैजाबाद: इस शिक्षक सीट पर करीब 32 घंटे चली लंबी मतगणना और दूसरी वरीयता (Second Preference) के मतों की गिनती के बाद कड़े मुकाबले में भाजपा के डॉ. ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को 276 मतों से हरा दिया।
2. बिहार (कुल 8 सीटें)
बिहार के शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के नतीजों में इस बार कई अप्रत्याशित और बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं:
पटना शिक्षक सीट (बड़ा उलटफेर): राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के डॉ. संजीव कुमार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए बीजेपी के दिग्गज नेता नवल किशोर यादव को 1,057 वोटों से हरा दिया। इस हार के साथ ही पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का लगभग 30 साल पुराना एकछत्र राज समाप्त हो गया।
कोशी स्नातक क्षेत्र: भाजपा प्रत्याशी डॉ. एन.के. यादव ने लगातार तीसरी बार शानदार जीत हासिल कर हैट्रिक लगाई।
तिरहुत और दरभंगा: तिरहुत शिक्षक क्षेत्र से भाजपा के डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह और दरभंगा स्नातक सीट से भाजपा के सर्वेश कुमार विजयी रहे।
जन सुराज की एंट्री: दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज कर इतिहास रचा।
सारण: सारण शिक्षक क्षेत्र से निर्दलीय और भाजपा के बागी नेता राहुल राज ने जीत हासिल की।
3. कर्नाटक (कुल 4 सीटें)
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को इस चुनाव में करारा झटका लगा है:
भाजपा-जेडीएस गठबंधन का दबदबा: एनडीए (BJP-JDS) गठबंधन ने राज्य की सभी 4 सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस का पूरी तरह सूपड़ा साफ कर दिया।
बेंगलुरु शिक्षक सीट: जेडीएस-बीजेपी के संयुक्त उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुट्टन्ना को 908 मतों से पराजित किया।
पश्चिम स्नातक: भाजपा के एस.वी. संकनूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को 9,323 मतों के बड़े अंतर से मात दी।
हार पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया: करारी हार के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि वे इस जनादेश को स्वीकार करते हैं और पार्टी हार के कारणों की गहन समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाएगी।
4. महाराष्ट्र (कुल 5 सीटें)
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
पुणे शिक्षक सीट: भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के उम्मीदवार सचिन सानप को हराकर शानदार जीत दर्ज की, जिससे एमवीए (MVA) को भी झटका लगा।
अमरावती: इस शिक्षक सीट पर महायुति के किरण सरनाइक ने अपनी बढ़त और पकड़ मजबूत बनाए रखी।
कुल स्थिति: कुल 5 सीटों में से शुरुआती रुझानों और नतीजों के अनुसार महायुति 3 सीटों पर आगे रही, जबकि 2 सीटों पर महा विकास अघाड़ी (MVA) ने कड़ी टक्कर दी।
सियासी मायने (निष्कर्ष)
इन एमएलसी चुनावों के परिणामों से साफ है कि कर्नाटक में एनडीए (NDA) काफी मजबूत स्थिति में है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों और चेहरों को ध्यान में रखकर मतदान किया है। पटना में तीन दशक बाद भाजपा की हार और यूपी में सपा की कुछ पारंपरिक सीटों पर मजबूत पकड़ आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण पैदा करेगी।


