यूपी में 28 नवचयनित फॉरेंसिक अधिकारियों को मिला नियुक्ति-पत्र, सीएम योगी बोले- वैज्ञानिक साक्ष्य न्याय व्यवस्था को बनाएंगे मजबूत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आपराधिक मामलों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका मजबूत करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से चयनित 28 फॉरेंसिक अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान आधुनिक न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए आपराधिक घटनाओं की जांच को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नवनियुक्त अधिकारी अपनी विशेषज्ञता, जिम्मेदारी और कार्यकुशलता से प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। उनकी भूमिका अपराधों की जांच में तथ्यों और वैज्ञानिक प्रमाणों को सामने लाने के साथ-साथ सुशासन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान का बेहतर उपयोग अपराध नियंत्रण तथा न्याय प्रक्रिया को मजबूत करने में सहायक साबित होगा।
न्याय व्यवस्था में फॉरेंसिक विज्ञान की बढ़ती अहमियत
आज के दौर में आपराधिक मामलों की जांच में फॉरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य जांच एजेंसियों को तथ्यों तक पहुंचने में मदद करते हैं। ऐसे में फॉरेंसिक अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश की जांच व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सच्ची खबर, स्वतंत्र नजर
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान आधुनिक न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए आपराधिक घटनाओं की जांच को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नवनियुक्त अधिकारी अपनी विशेषज्ञता, जिम्मेदारी और कार्यकुशलता से प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। उनकी भूमिका अपराधों की जांच में तथ्यों और वैज्ञानिक प्रमाणों को सामने लाने के साथ-साथ सुशासन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान का बेहतर उपयोग अपराध नियंत्रण तथा न्याय प्रक्रिया को मजबूत करने में सहायक साबित होगा।
न्याय व्यवस्था में फॉरेंसिक विज्ञान की बढ़ती अहमियत
आज के दौर में आपराधिक मामलों की जांच में फॉरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य जांच एजेंसियों को तथ्यों तक पहुंचने में मदद करते हैं। ऐसे में फॉरेंसिक अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश की जांच व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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रिपोर्ट: इंडिपेंडेंट भारत, लखनऊ
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