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SBI के 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा लीक, साइबर सुरक्षा पर उठे सवाल; बैंक जांच में जुटा

दिल्ली • 03 Nov 2026, 11:31 PM • 3 मिनट में पढ़ें
SBI के 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा लीक, साइबर सुरक्षा पर उठे सवाल; बैंक जांच में जुटा
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से जुड़ी साइबर सुरक्षा घटना ने ग्राहकों के निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बैंक के प्रारंभिक विश्लेषण में 3,897 ग्राहकों के ऐसे रिकॉर्ड सामने आए हैं, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारियां मौजूद थीं। यह डेटा कथित तौर पर डार्क वेब पर उपलब्ध रिकॉर्ड के विश्लेषण के दौरान मिला।
बैंक ने मामले की जांच शुरू कर दी है और डेटा के संभावित स्रोत तथा सुरक्षा में हुई चूक का पता लगाने के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
किन जानकारियों के उजागर होने की आशंका?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जन्मतिथि और आवासीय पते जैसी जानकारियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ रिकॉर्ड में बैंक शाखा, ग्राहक पहचान संख्या और लोन आवेदन से संबंधित विवरण भी मौजूद होने की बात कही गई है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि डेटा किस सिस्टम से बाहर आया और इसका दुरुपयोग हुआ है या नहीं।
बैंक ने जांच के लिए उठाए कदम
SBI को 16 अक्टूबर को साइबर सुरक्षा से संबंधित अलर्ट प्राप्त हुए थे। इसके बाद बैंक ने साइबर घटना से निपटने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की और CERT-In से संबद्ध स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।
बैंक के अनुसार, इस घटना से उसकी मुख्य बैंकिंग सेवाओं और व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है। बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
ग्राहकों को क्यों सतर्क रहने की जरूरत?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी ग्राहक का निजी डेटा गलत हाथों में पहुंचता है, तो उसका इस्तेमाल फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन करने, धोखाधड़ी वाले संदेश भेजने और ग्राहकों को वित्तीय जानकारी साझा करने के लिए बरगलाने में किया जा सकता है।
ऐसे मामलों में ग्राहकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
SBI ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
किसी भी व्यक्ति को अपना OTP, ATM PIN या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।
बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वालों से सावधान रहें।
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
संदिग्ध कॉल या संदेश मिलने पर बैंक के आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।
किसी भी अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक से संपर्क करें।
जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
SBI इस घटना के संभावित कारणों और सुरक्षा खामियों की पहचान करने में जुटा है। जांच के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाने की बात कही गई है।
यह घटना एक बार फिर डिजिटल बैंकिंग के दौर में निजी डेटा की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की जरूरत को सामने लाती है।
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