दाल-भात परिवार का 8वां स्थापना समारोह - राष्ट्रऋषि हरिकृष्ण शुक्ल बोले, प्रयागराज सनातन की राजधानी

प्रयागराज।।सादगी और सेवा का प्रतीक बना दाल-भात परिवार ने शनिवार को अपने गौरवशाली 8 वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर वेद-वेदांग मर्मज्ञ और राष्ट्रऋषि आचार्य हरिकृष्ण शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन से पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा।
भाजपा प्रदेश और काशी क्षेत्र के पदाधिकारियों, युवा मोर्चा, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों और भाजपा परिवार ने आचार्य जी का जोरदार स्वागत किया। गदा, अंगवस्त्र और पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया।आचार्य हरिकृष्ण शुक्ल ने कार्यक्रम से पहले शंकराचार्य महाराज का आशीर्वाद लिया। मंच से उन्होंने कहा कि प्रयागराज केवल शहर नहीं, सनातन चेतना है। यहां का विकास धर्म, संस्कृति और आधुनिकता के संगम से होना चाहिए। दाल-भात परिवार जैसा आयोजन समाज को जोड़ता है। यह अन्न नहीं, संस्कार बांटता है।उन्होंने कहा कि 8 साल में दाल-भात ने जो समरसता की अलख जगाई है, वह पूरे प्रदेश के लिए मिसाल है। आज जब परिवार बिखर रहे हैं, ऐसे में एक थाली में बैठकर भोजन करना सामाजिक एकता का संदेश है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि आचार्य जी का मार्गदर्शन युवाओं के लिए राष्ट्रवाद की पाठशाला है। कार्यक्रम के अंत में सैकड़ों लोगों ने एक साथ बैठकर दाल-भात का प्रसाद ग्रहण किया। हर जुबान पर था - जय सियाराम और दाल-भात परिवार की जय।
भाजपा प्रदेश और काशी क्षेत्र के पदाधिकारियों, युवा मोर्चा, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों और भाजपा परिवार ने आचार्य जी का जोरदार स्वागत किया। गदा, अंगवस्त्र और पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया।आचार्य हरिकृष्ण शुक्ल ने कार्यक्रम से पहले शंकराचार्य महाराज का आशीर्वाद लिया। मंच से उन्होंने कहा कि प्रयागराज केवल शहर नहीं, सनातन चेतना है। यहां का विकास धर्म, संस्कृति और आधुनिकता के संगम से होना चाहिए। दाल-भात परिवार जैसा आयोजन समाज को जोड़ता है। यह अन्न नहीं, संस्कार बांटता है।उन्होंने कहा कि 8 साल में दाल-भात ने जो समरसता की अलख जगाई है, वह पूरे प्रदेश के लिए मिसाल है। आज जब परिवार बिखर रहे हैं, ऐसे में एक थाली में बैठकर भोजन करना सामाजिक एकता का संदेश है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि आचार्य जी का मार्गदर्शन युवाओं के लिए राष्ट्रवाद की पाठशाला है। कार्यक्रम के अंत में सैकड़ों लोगों ने एक साथ बैठकर दाल-भात का प्रसाद ग्रहण किया। हर जुबान पर था - जय सियाराम और दाल-भात परिवार की जय।
रिपोर्ट: बालेंद्र कुमार शुक्ला (बलराम), विशेष संवाददाता, प्रयागराज
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