अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स की जीत के बावजूद ट्रंप के हाथ में रहेगी विदेश नीति की कमान

वॉशिंगटन। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने घरेलू राजनीति में नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। हालांकि, संसद के दोनों सदनों में बहुमत गंवाने के बावजूद विदेश नीति के मामले में राष्ट्रपति की शक्तियां काफी हद तक बरकरार रहेंगी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक सांसद ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर निगरानी बढ़ाने और ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए दबाव बनाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा इजरायल के साथ अमेरिकी संबंधों और यूक्रेन नीति पर भी संसद में बहस तेज हो सकती है।
ईरान युद्ध पर बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
डेमोक्रेटिक नेताओं का मानना है कि ईरान के साथ युद्ध ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को भी चुनावी नतीजों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति के अधिकारों पर नहीं लगेगा सीधा अंकुश
दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बावजूद राष्ट्रपति के पास विदेश नीति और सैन्य कमांडर के रूप में व्यापक संवैधानिक अधिकार रहेंगे। हालांकि, कांग्रेस बजट, सरकारी खर्च और संसदीय जांच के माध्यम से प्रशासन के फैसलों पर दबाव बना सकती है।
आने वाले दो साल होंगे महत्वपूर्ण
जनवरी 2027 से नई कांग्रेस के कार्यभार संभालने के बाद व्हाइट हाउस और संसद के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है। ट्रंप प्रशासन के लिए विदेश नीति को आगे बढ़ाना पहले की तुलना में राजनीतिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक सांसद ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर निगरानी बढ़ाने और ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए दबाव बनाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा इजरायल के साथ अमेरिकी संबंधों और यूक्रेन नीति पर भी संसद में बहस तेज हो सकती है।
ईरान युद्ध पर बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
डेमोक्रेटिक नेताओं का मानना है कि ईरान के साथ युद्ध ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को भी चुनावी नतीजों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति के अधिकारों पर नहीं लगेगा सीधा अंकुश
दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बावजूद राष्ट्रपति के पास विदेश नीति और सैन्य कमांडर के रूप में व्यापक संवैधानिक अधिकार रहेंगे। हालांकि, कांग्रेस बजट, सरकारी खर्च और संसदीय जांच के माध्यम से प्रशासन के फैसलों पर दबाव बना सकती है।
आने वाले दो साल होंगे महत्वपूर्ण
जनवरी 2027 से नई कांग्रेस के कार्यभार संभालने के बाद व्हाइट हाउस और संसद के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है। ट्रंप प्रशासन के लिए विदेश नीति को आगे बढ़ाना पहले की तुलना में राजनीतिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।



